एना जार्विस आज सोशल मीडिया पर हर तरफ #माँ का दिन देखने को मिल रहा है। आइए जानते हैं कि इस दिन को क्यों मनाते हैं? मदर्स डे एना जार्विस को अपनी माँ से खास लगाव था। जार्विस अपनी माँ के साथ ही रहती थीं और उन्होंने कभी शादी भी नहीं की थी। माँ के गुजर जाने के बाद एना ने माँ से प्यार जताने के लिए मदर्स डे की शुरुआत की। तब से हर साल मई माह के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है। हमारे भारत में, माँ का महत्व अत्यंत उच्च है। वह न केवल परिवार की धुरी है बल्कि समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। माँ हमारी पहली शिक्षिका होती हैं, जो हमें प्यार, देखभाल, और संस्कार सिखाती हैं। और हमारी सभ्यता और संस्कृति में माँ सदैव पूजनीय है उसके लिए एक दिन नहीं है.. हर दिन बिना माँ के नहीं होता एना जार्विस ने अपनी माँ के देहांत के बाद इस दिन को उत्सव के रूप में शुरू किया...... न कि जीते जी। हम केवल एक ही दिन इतना महत्व क्यों देते हैं यही महत्व हर रोज दीजिए दूसरों की नकल में बहते चले जा रहे
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